Breaking News

6/recent/ticker-posts

. "जेई साहब: बिजली के तार से ज्यादा 'शर्म' के तार छेड़ने में माहिर"

 "बिजली विभाग का नया टैरिफ: मीटर चेकिंग के बहाने 'शर्म चेकिंग'"

कानपुर देहात के रसूलाबाद तहसील के कहिंजरी विद्युत उपखंड में बिजली विभाग के एक जेई रमाकांत पर महिला भाकियू कार्यकर्ता ने गंभीर आरोप लगाए हैं। आरोप सुनकर ऐसा लगता है जैसे जेई साहब बिजली मीटर चेक करने के बजाय 'शिष्टाचार मीटर' खराब करने पर तुले थे।



महिला ने आरोप लगाया कि जेई साहब घर पर मीटर चेक करने आए थे, लेकिन उनके इरादे "पॉवर सप्लाई" से कहीं ज्यादा निजी थे। अश्लील हरकत और अभद्र बातें उनके 'वर्क कल्चर' का हिस्सा लगती हैं। सवाल यह है कि क्या बिजली विभाग अब मीटर चेकिंग के लिए कोई नया 'अखलाक सुधार प्रोग्राम' चला रहा है?

घटना का हाई-वोल्टेज ड्रामा

महिला का कहना है कि जब वह घर पर अकेली थीं, तभी जेई रमाकांत ने घर पर दस्तक दी। मीटर चेकिंग की आड़ में उन्होंने ऐसी हरकतें की, जिनसे घर की दीवारें तक शरमा गईं। जब महिला ने अपनी बेटी को आवाज दी, तो जेई गाली-गलौज करते हुए भाग खड़े हुए। लेकिन साहब का आत्मसम्मान इतना जिंदा था कि थोड़ी देर बाद अज्ञात लोगों के साथ लौटकर बिजली कनेक्शन काट दिया।

भाकियू का हाई-फाई प्रदर्शन

महिला ने इस पूरी घटना के बाद भाकियू कार्यकर्ताओं को इकट्ठा किया और कोतवाली में जाकर हंगामा मचा दिया। सैकड़ों कार्यकर्ता शिकायत पत्र लेकर पहुंचे और जेई रमाकांत पर कार्रवाई की मांग की। पुलिस ने मामले को "गंभीरता से नोट" कर लिया है—वैसे जैसा हर बार करती है।

जेई साहब की मासूमियत का कनेक्शन

जब जेई रमाकांत से इस बारे में पूछा गया, तो उन्होंने आरोपों को 'चुल्लू भर पानी' जितना बेबुनियाद बताया। उनका कहना है कि महिला ने जो कुछ भी कहा है, वह झूठ और फरेब का पुलिंदा है। साहब इतने भोले हैं कि अगर कोई उनसे पूछे कि मीटर चेक करने गए थे या महिला को परेशान करने, तो शायद वह जवाब देंगे—"ये दोनों ही नहीं, मैं तो ड्यूटी निभाने गया था।"

पुलिसिया 'लाइनमैन' की चालाकी

पुलिस ने कहा है कि मामले की जांच चल रही है और जल्द ही दोषी को सजा दी जाएगी। लेकिन इलाके के लोग कहते हैं कि बिजली विभाग का भ्रष्टाचार और जेई साहब के कृत्य किसी 'ट्रांसफार्मर' की तरह लंबे समय तक झूलते रहेंगे।

बिजली विभाग का नया 'कस्टमर केयर'

अब सवाल यह है कि बिजली विभाग का यह रवैया कब सुधरेगा? क्या मीटर चेकिंग के नाम पर उपभोक्ताओं को शर्मिंदा करना इनकी नई रणनीति है? ऐसा लगता है जैसे विभाग का असली मकसद बिजली के तार ठीक करने के बजाय लोगों की भावनाओं के तार झटका देना है।

नोट: अगली बार अगर आपके घर पर बिजली विभाग का कोई कर्मचारी मीटर चेक करने आए, तो याद रखें—मीटर के साथ-साथ अपनी गरिमा का भी ख्याल रखें!


एक टिप्पणी भेजें

0 टिप्पणियाँ