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पति की मौत के सात दिन बाद पत्नी ने भी की आत्महत्या, मासूम बच्चों के सिर से उठा माता-पिता का साया

पति की मौत के सात दिन बाद पत्नी ने भी की आत्महत्या, मासूम बच्चों के सिर से उठा माता-पिता का साया

रसूलाबाद (कानपुर देहात) थाना क्षेत्र के भीखेदव गांव में दिल दहला देने वाली घटना सामने आई है। 23 मार्च को युवक दिलीप कुमार (32) ने रिंद नदी किनारे धोबी घाट पर पेड़ से फंदा लगाकर आत्महत्या कर ली थी। उनकी मौत के ठीक सात दिन बाद, शनिवार को उनकी पत्नी शोभा देवी (30) ने भी अपने घर में छत के कुंडे से दुपट्टे का फंदा लगाकर जान दे दी।



देवर जीतू के अनुसार, 23 मार्च को दिलीप कुमार और उनकी पत्नी शोभा देवी के बीच किसी बात को लेकर झगड़ा हुआ था। इसी के बाद दिलीप ने धोबी घाट पर पेड़ से लटककर आत्महत्या कर ली। दिलीप मजदूरी करके अपने परिवार का भरण-पोषण करते थे। पति की मौत से आहत शोभा देवी मानसिक रूप से बेहद परेशान थीं। सातवें दिन, जब घर पर कोई नहीं था, तब उन्होंने भी खुदकुशी कर ली।

शाम को जब देवर जीतू घर लौटा तो भाभी को पाकर उनके कमरे की तरफ गया। दरवाजा अंदर से बंद था। जब उसने झांककर देखा तो शोभा का शव फंदे से लटक रहा था। तुरंत ही पुलिस को सूचना दी गई।

शोभा देवी की मौत की खबर मिलते ही उनके मायके कानपुर नगर के भौतीखेड़ा से माता-पिता और भाई पहुंचे। उनके पिता रामशंकर, मां जगवती, और भाइयों वीरेंद्र, सिंटू, विपिन का रो-रोकर बुरा हाल है। दिलीप और शोभा की शादी जून 2018 में हुई थी।

मासूम बच्चों का भविष्य अधर में

इस दुखद घटना ने उनके दो मासूम बच्चोंकृष्णा (03) और अंशिका (05)—को अनाथ कर दिया है। मां और पिता दोनों की मौत के बाद अब इन मासूमों के पालन-पोषण का संकट खड़ा हो गया है। गांव के लोग बच्चों की हालत देखकर बेहद दुखी हैं। चर्चा हो रही है कि उन्हें अब कौन संभालेगा और उनका भविष्य क्या होगा।

सूचना मिलने पर पुलिस और फॉरेंसिक टीम मौके पर पहुंची और जांच शुरू की। चौकी इंचार्ज कहिंजरी योगेश शर्मा ने बताया कि प्रारंभिक जांच में यह मामला पति के वियोग में पत्नी की आत्महत्या का प्रतीत हो रहा है। रसूलाबाद थानाध्यक्ष अनिल कुमार ने बताया कि दिलीप की आत्महत्या की सूचना पहले पुलिस को नहीं दी गई थी। लेकिन अब जब उनकी पत्नी की आत्महत्या की जानकारी मिली, तब पुलिस ने मामले की जांच शुरू कर दी है। पुलिस का कहना है कि यदि परिजनों की ओर से कोई तहरीर मिलती है, तो आगे की कार्रवाई की जाएगी।

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इस घटना से पूरा गांव स्तब्ध है। ग्रामीणों को विश्वास नहीं हो रहा कि कुछ ही दिनों के भीतर एक ही परिवार के दो लोगों की मौत हो गई। गांव में शोक और चिंता का माहौल है, खासकर इन मासूम बच्चों को लेकर, जिनका सहारा अब कोई नहीं रहा।

 


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