संदलपुर में क्षत्रिय स्वाभिमान सुरक्षा मंच का जोरदार विरोध प्रदर्शन
संदलपुर, कानपुर देहात: बुधवार शाम संदलपुर कस्बे में क्षत्रिय स्वाभिमान सुरक्षा मंच के कार्यकर्ताओं ने समाजवादी पार्टी के राज्यसभा सांसद लालजी सुमन के खिलाफ जोरदार विरोध प्रदर्शन किया। यह प्रदर्शन सांसद द्वारा राणा सांगा के खिलाफ की गई कथित अभद्र टिप्पणी के विरोध में आयोजित किया गया था।
पुतला दहन कर जताया विरोध
मंच के कार्यकर्ताओं ने गांव कौरु के पास स्थित पानी टंकी के निकट एक बैठक आयोजित की। बैठक में मंच के अध्यक्ष जन्मेजय सिंह ने कहा कि राणा सांगा क्षत्रिय समाज के गौरवशाली पूर्वज हैं और उनके खिलाफ अपमानजनक शब्दों का प्रयोग क्षत्रिय समाज की भावनाओं को ठेस पहुंचाने वाला है। उन्होंने आरोप लगाया कि सांसद लालजी सुमन ने अपमानजनक भाषा का प्रयोग किया, जिससे समाज में गहरा रोष है।
मांग न मानी गई तो होगा बड़ा आंदोलन
जन्मेजय सिंह ने चेतावनी दी कि यदि सांसद लालजी सुमन जल्द से जल्द सार्वजनिक रूप से माफी नहीं मांगते, तो संगठन प्रदेश स्तर पर आंदोलन करने के लिए बाध्य होगा। बैठक के बाद मंच के कार्यकर्ताओं ने पानी टंकी से पुलिस चौकी तक एक विरोध मार्च निकाला और फिर सब्जी बाजार संदलपुर परिसर में सांसद का पुतला फूंका।
प्रदर्शन में बड़ी संख्या में कार्यकर्ता हुए शामिल
इस विरोध प्रदर्शन में मंच के कई प्रमुख कार्यकर्ता शामिल हुए, जिनमें भानु प्रताप सिंह राठौड़, शिवम् राजावत, प्रिंस सिंह, देव प्रकाश अवस्थी और पिंटू सिंह सेंगर प्रमुख थे। प्रदर्शन के दौरान कार्यकर्ताओं ने नारेबाजी कर सांसद के बयान की निंदा की और अपनी नाराजगी जाहिर की।
पुलिस प्रशासन रहा सतर्क
विरोध प्रदर्शन को देखते हुए स्थानीय पुलिस प्रशासन सतर्क रहा और मौके पर पुलिस बल तैनात किया गया। पुलिस अधिकारियों ने स्थिति को नियंत्रण में रखने के लिए कार्यकर्ताओं से बातचीत भी की।
क्षत्रिय समाज की भावनाओं को ठेस न पहुंचे
इस प्रदर्शन के माध्यम से क्षत्रिय स्वाभिमान सुरक्षा मंच ने यह संदेश दिया कि उनके पूर्वजों के सम्मान से कोई भी समझौता नहीं किया जाएगा। मंच ने सांसद से बिना शर्त माफी की मांग की और चेतावनी दी कि अगर उनकी मांग पूरी नहीं होती तो आंदोलन और तेज किया जाएगा।
समाज में बढ़ रहा आक्रोश
इस घटना के बाद स्थानीय स्तर पर समाज के लोगों में आक्रोश बढ़ रहा है। कई अन्य संगठनों ने भी इस मुद्दे पर समर्थन देने की बात कही है। अब यह देखना दिलचस्प होगा कि सांसद लालजी सुमन इस मामले पर क्या प्रतिक्रिया देते हैं और आगे की स्थिति क्या बनती है।
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