अमरौधा विकासखंड में क्षय रोग मुक्त ग्राम पंचायतों का भव्य सम्मान समारोह
कानपुर देहात, अमरौधा: गुरुवार को अमरौधा विकासखंड कार्यालय में एक ऐतिहासिक कार्यक्रम का आयोजन किया गया, जिसमें वर्ष 2024-25 के दौरान क्षय रोग से मुक्त हुई 5 ग्राम पंचायतों को भव्य रूप से सम्मानित किया गया। यह कार्यक्रम न केवल इन ग्राम पंचायतों की उल्लेखनीय उपलब्धि को मान्यता देने के लिए आयोजित किया गया था, बल्कि पूरे विकासखंड को जागरूक और प्रेरित करने के लिए भी महत्वपूर्ण साबित हुआ।
कार्यक्रम का शुभारंभ और प्रमुख अतिथि
इस सम्मान समारोह की शुरुआत सुबह 11 बजे हुई। कार्यक्रम में कई गणमान्य अधिकारी और पंचायत प्रतिनिधि उपस्थित रहे।
मुख्य अतिथियों में शामिल थे:
- सतीश चंद्र वर्मा (सहायक विकास अधिकारी, आईएसबी)
- सुधीर यादव (अमरौधा एडीओ पंचायत प्रभारी)
- डॉ. अमित निरंजन (अमरौधा केंद्र प्रभारी)
- कृष्ण चंद्रम झा (पुखरायां के क्षय रोग पर्यवेक्षक)
इन अधिकारियों ने कार्यक्रम की गरिमा को बढ़ाया और क्षय रोग उन्मूलन की दिशा में किए गए प्रयासों की सराहना की।
सम्मानित ग्राम पंचायतें और उनके नेतृत्वकर्ता
इस समारोह में पांच ग्राम पंचायतों को क्षय रोग मुक्त होने के लिए सम्मानित किया गया। इन ग्राम पंचायतों ने जागरूकता फैलाने, स्वास्थ्य सेवाओं को सुलभ बनाने और समुदाय को एकजुट करके इस लक्ष्य को हासिल किया।
इन सभी ग्राम प्रधानों और प्रतिनिधियों को महात्मा गांधी जी के स्मृति चिन्ह और क्षय रोग मुक्त प्रमाण पत्र से सम्मानित किया गया।
कार्यक्रम में उपस्थित अन्य अधिकारी एवं कर्मचारी
कार्यक्रम को सफल बनाने में कई अधिकारी और कर्मचारियों की महत्वपूर्ण भूमिका रही। उनकी उपस्थिति और योगदान ने इस आयोजन को और भी प्रभावशाली बना दिया।
सम्मानित अधिकारियों और कर्मचारियों में शामिल थे:
- विशाल कुमार (सचिव)
- स्वाति देवी (सचिव)
- सौरभ सिंह (पंचायत कार्यालय अधिकारी)
- सुनील कुमार (पंचायत कार्यालय अधिकारी)
- आशुतोष त्रिपाठी (खंड प्रेरक)
- सर्वेश कुमार (स्वास्थ्य विभाग)
- अजय गोस्वामी (स्वास्थ्य विभाग)
- दिनेश कुमार (स्वास्थ्य विभाग)
इन सभी अधिकारियों और कर्मचारियों ने अपने-अपने स्तर पर समर्पण और मेहनत के साथ इस अभियान को सफल बनाया।
सामुदायिक भागीदारी का महत्व
कार्यक्रम के दौरान अधिकारियों ने सामुदायिक भागीदारी के महत्व को रेखांकित किया। उन्होंने बताया कि यदि समुदाय एकजुट होकर कार्य करता है, तो किसी भी गंभीर बीमारी को जड़ से खत्म किया जा सकता है।
- सतीश चंद्र वर्मा ने कहा कि यह सफलता केवल सरकार की योजनाओं की वजह से नहीं, बल्कि आम जनता की जागरूकता और प्रयासों के कारण संभव हो पाई है।
- सुधीर यादव ने जोर देकर कहा कि क्षय रोग जैसी बीमारियों को समाप्त करने के लिए स्वच्छता, सही खानपान और समय पर इलाज बेहद जरूरी है।
- डॉ. अमित निरंजन ने इस बात पर प्रकाश डाला कि समुदाय की भागीदारी और निरंतर प्रयासों से ही संक्रामक बीमारियों पर काबू पाया जा सकता है।
क्षय रोग उन्मूलन के लिए उठाए गए कदम
क्षय रोग के खिलाफ लड़ाई में इन ग्राम पंचायतों ने कई अहम कदम उठाए, जिनमें शामिल हैं:
✔ समुदाय में जागरूकता अभियान चलाना – लोगों को क्षय रोग के लक्षण, कारण और इलाज के बारे में शिक्षित करना।
✔ नियमित स्वास्थ्य जांच शिविरों का आयोजन – ताकि प्रारंभिक अवस्था में ही क्षय रोग का पता लगाया जा सके।
✔ संक्रमित व्यक्तियों के लिए समुचित इलाज की व्यवस्था – निःशुल्क दवा वितरण और पोषण आहार सहायता देना।
✔ स्वच्छता और पोषण पर ध्यान केंद्रित करना – स्वच्छ पानी, पौष्टिक भोजन और व्यक्तिगत स्वच्छता के प्रति लोगों को जागरूक करना।
इस सम्मान समारोह ने पूरे विकासखंड के लिए एक प्रेरणादायक उदाहरण प्रस्तुत किया। यह कार्यक्रम यह साबित करता है कि यदि समुदाय और प्रशासन मिलकर कार्य करें, तो किसी भी बीमारी को जड़ से मिटाया जा सकता है।
इस सफलता से प्रेरित होकर, अन्य ग्राम पंचायतों को भी स्वास्थ्य और स्वच्छता पर अधिक ध्यान देने की आवश्यकता है, ताकि आने वाले वर्षों में संपूर्ण अमरौधा विकासखंड को क्षय रोग मुक्त बनाया जा सके।
"स्वस्थ समाज ही सशक्त समाज होता है। आइए, हम सभी मिलकर एक क्षय रोग मुक्त भविष्य का निर्माण करें!"
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